थाना शालीमार बाग के सनसनीखेज हत्या कांड का उत्तर-पश्चिम जिला द्वारा खुलासा 3 को पकड़ा

उत्तर-पश्चिम जिला : ( अर्श न्यूज़) –एक अभियुक्त भारत यादव, जिस पर ₹20,000/- का इनाम घोषित था, जिसे पूर्व में बिजेंद्र यादव (मृतका श्रीमती रचना यादव के पति) की हत्या के मामले में उद्घोषित अपराधी घोषित किया गया था।अपराध में प्रयुक्त एक यामाहा FZ मोटरसाइकिल भी बरामद। एक ग्रैंड i-10 कार भी बरामद।
थाना शालीमार बाग के सनसनीखेज हत्या कांड का उत्तर-पश्चिम जिला द्वारा खुलासा 3 को पकड़ा
तीन अभियुक्तों (1) निखिल पुत्र सतबीर, निवासी ग्राम खंडरा, जिला पानीपत, हरियाणा, आयु-22 वर्ष (2) सुमित पुत्र हवा सिंह, निवासी ग्राम बलजट्टन, जिला पानीपत, हरियाणा, आयु-23 वर्ष तथा (3) भारत यादव पुत्र नरेंद्र, निवासी भलस्वा गांव, दिल्ली, आयु-33 वर्ष की गिरफ्तारी के साथ उत्तर-पश्चिम जिला की टीम ने एक ब्लाइंड मर्डर केस का सफलतापूर्वक खुलासा किया है, जो एफआईआर संख्या 11/2026, धारा 103(1) बीएनएस एवं 25/27 आर्म्स एक्ट के अंतर्गत थाना शालीमार बाग, दिल्ली में दर्ज था। यह मामला एक जघन्य घटना से संबंधित है, जिसमें अभियुक्तों द्वारा दिनदहाड़े एक महिला को गोली मार दी गई, जिसकी पहचान बाद में श्रीमती रचना यादव के रूप में हुई।
थाना शालीमार बाग के सनसनीखेज हत्या कांड का उत्तर-पश्चिम जिला द्वारा खुलासा 3 को पकड़ा
आगे की जांच में यह तथ्य सामने आया कि अभियुक्त भारत यादव को पहले ही बिजेंद्र यादव (मृतका रचना यादव के पति) की हत्या के मामले में उद्घोषित अपराधी घोषित किया जा चुका था तथा उसकी गिरफ्तारी पर ₹20,000/- का इनाम घोषित था। ऑपरेशन सेल, उत्तर-पश्चिम जिला की टीम के समय पर किए गए प्रयासों एवं निरंतर मेहनत के परिणामस्वरूप इस सनसनीखेज मामले का सफलतापूर्वक खुलासा किया गया। अभियुक्तों के कब्जे से अपराध में प्रयुक्त एक यामाहा FZ मोटरसाइकिल तथा एक ग्रैंड i-10 कार बरामद की गई।
थाना शालीमार बाग के सनसनीखेज हत्या कांड का उत्तर-पश्चिम जिला द्वारा खुलासा 3 को पकड़ा
संक्षिप्त तथ्य एवं घटना विवरण
दिनांक 10.01.2026 को लगभग 11:00 बजे, थाना शालीमार बाग में पीसीआर कॉल प्राप्त हुई कि ईस्ट शालीमार बाग, बीसी ब्लॉक, गेट नंबर-4 के पास एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा एक महिला को गोली मार दी गई है और महिला अत्यधिक रक्तस्राव की स्थिति में है। उक्त सूचना डीडी संख्या 58A के तहत दर्ज की गई तथा एसआई अभय कुमार को सौंपी गई, जो कांस्टेबल सोनू के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। गेट नंबर-4, बीसी ब्लॉक के पास पार्क में एक महिला का शव औंधे मुंह पड़ा हुआ पाया गया, जिसका सिर पश्चिम दिशा की ओर तथा पैर पूर्व दिशा की ओर थे। सिर से अत्यधिक रक्तस्राव हो रहा था तथा माथे पर गोली लगने का स्पष्ट निशान था।
थाना शालीमार बाग के सनसनीखेज हत्या कांड का उत्तर-पश्चिम जिला द्वारा खुलासा 3 को पकड़ा
शव के पास एक खाली कारतूस तथा एक गोली/धातु का टुकड़ा जमीन पर पड़ा मिला। मृतका की पहचान श्रीमती रचना यादव, पत्नी स्व. बिजेंद्र यादव, निवासी मकान संख्या 95/96A, बीसी ब्लॉक, शालीमार बाग, दिल्ली, आयु लगभग 44 वर्ष के रूप में हुई। मौके पर क्राइम टीम एवं एफएसएल टीम को बुलाया गया। घटनास्थल का निरीक्षण किया गया, फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी कराई गई। संबंधित साक्ष्यों को उठाकर नियमानुसार सील कर पुलिस कब्जे में लिया गया।
उपरोक्त तथ्यों के आधार पर थाना शालीमार बाग में एफआईआर संख्या 11/2026, धारा 103(1) बीएनएस एवं 25/27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ की गई।
जांच के दौरान यह सामने आया कि बिजेंद्र यादव एक पक्ष तथा भारत यादव एवं उसके सहयोगी दूसरे पक्ष के बीच स्वरूप नगर से बुराड़ी जाने वाले मार्ग पर, सरकारी स्कूल के पास लाल बिल्डिंग से सटे कठे वाला मंदिर के सामने स्थित 250 वर्ग गज के प्लॉट को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा था। इस संपत्ति विवाद के कारण दोनों पक्ष एक-दूसरे को लगातार धमकियां दे रहे थे।
टीम एवं जांच
अपराध की गंभीरता को देखते हुए श्री रंजीत ढाका, एसीपी ऑपरेशन सेल एवं श्री राजबीर लांबा, एसीपी शालीमार बाग के पर्यवेक्षण में तथा श्री भीष्म सिंह, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त/उत्तर-पश्चिम जिला एवं श्री विजय सिंह, संयुक्त पुलिस आयुक्त, उत्तरी रेंज के समग्र पर्यवेक्षण में तीन टीमों का गठन किया गया।
टीम–I, निरीक्षक सोमवीर सिंह प्रभारी स्पेशल स्टाफ एवं श्री विनोद मीणा (यूटी) आईपीएस के नेतृत्व में गठित की गई, जिसमें एसआई सुमित कलकल, एसआई मुक्ता शर्मा, एसआई विश्वा प्रताप, एसआई राजेश पिलानिया, एसआई अजय, एसआई सापन, एएसआई सोमवीर, एएसआई मनोज, एएसआई रणजीत, एचसी नवीन नरवाल, एचसी राजेश, एचसी सचिन छिकारा, एचसी हरीश, एचसी नरशी, एचसी जोगिंदर, एचसी पंकज गुप्ता एवं कांस्टेबल ओमबीर शामिल थे।
थाना शालीमार बाग के सनसनीखेज हत्या कांड का उत्तर-पश्चिम जिला द्वारा खुलासा 3 को पकड़ा
टीम–II, निरीक्षक जितेंद्र तिवारी प्रभारी एएटीएस-एनडब्ल्यूडी एवं श्री आकाश अग्रवाल (यूटी) डेनिप्स के नेतृत्व में गठित की गई, जिसमें एसआई रवि सैनी, एएसआई विनोद, एचसी परमजीत, एचसी परविंदर, एचसी परवीन, कांस्टेबल शुभम, कांस्टेबल ओम प्रकाश, कांस्टेबल उत्तम, कांस्टेबल करण, कांस्टेबल सागर एवं महिला एचसी ममता शामिल थीं।
टीम–III, निरीक्षक राम पाल, एसएचओ/शालीमार बाग एवं श्री नवीन कुमार छेत्री (यूटी) डीएसपी सिक्किम पुलिस के नेतृत्व में गठित की गई, जिसमें निरीक्षक मनोज, निरीक्षक मंतोष, एसआई अभय सिंह, एसआई जोगिंदर जून, एसआई धीरज सिंह, एचसी जितेंद्र, एचसी लीला राम, एचसी साधुराम, एचसी संजय, कांस्टेबल सुभाष एवं कांस्टेबल ओम प्रकाश शामिल थे।
सभी पुलिस टीमों को विस्तृत रूप से ब्रीफ किया गया तथा शीघ्र अपराधियों की पहचान एवं गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए। जांच के दौरान घटनास्थल एवं आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया गया। फुटेज में घटना के समय एक मोटरसाइकिल पर सवार दो व्यक्ति संदिग्ध रूप से दिखाई दिए। संभावित भागने के रास्तों का भी विश्लेषण किया गया। संदिग्धों से संपर्क में आए राहगीरों की पहचान कर उनसे पूछताछ की गई। हाल ही में जमानत पर रिहा हुए अभियुक्तों से भी पूछताछ की गई। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), डंप डाटा एवं आईपीडीआर का तकनीकी विश्लेषण किया गया। मृतका के परिजनों के संपत्ति लेन-देन की भी जांच की गई ताकि अपराध के पीछे के उद्देश्य का पता लगाया जा सके।
सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण के दौरान संदिग्ध व्यक्तियों के फोटो विकसित किए गए, जिनमें से एक अभियुक्त की पहचान निखिल के रूप में हुई। सीडीआर विश्लेषण के दौरान भी संदिग्ध गतिविधियां पाई गईं। तकनीकी इनपुट एवं गुप्त सूचना के आधार पर पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड एवं बिहार में कई स्थानों पर छापेमारी की गई। बाद में अभियुक्तों की लोकेशन बिहार के कटिहार क्षेत्र में पाई गई। पुलिस टीमों को तुरंत नवाबगंज (पूर्वी उत्तर प्रदेश) एवं जिला कटिहार, बिहार भेजा गया। अभियुक्त निखिल एवं भारत यादव को जिला कटिहार, बिहार के वन क्षेत्र में स्थित एक झोपड़ी से गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ के दौरान यह भी सामने आया कि सह-अभियुक्त सुमित पुत्र हवा सिंह, निवासी ग्राम बलजट्टन, जिला पानीपत, हरियाणा ने अपराध के समय मोटरसाइकिल चलाई थी। इसके बाद एक अलग टीम गठित कर सुमित को उसके गांव से गिरफ्तार किया गया। उसने अपराध में अपनी भूमिका स्वीकार की।
लगातार एवं गहन पूछताछ के दौरान अभियुक्तों ने स्वेच्छा से अपराध में अपनी संलिप्तता स्वीकार की तथा हत्या की पूरी साजिश का विवरण दिया। अभियुक्त निखिल ने बताया कि घटना से कुछ दिन पूर्व उससे भारत यादव ने संपर्क किया था, जो बिजेंद्र यादव की हत्या के मामले से संबंधित था। भारत यादव ने बताया कि श्रीमती रचना यादव उक्त मामले में एक महत्वपूर्ण अभियोजन गवाह थीं तथा अदालत में मुकदमे की नियमित पैरवी कर रही थीं। उसे आशंका थी कि उनका बयान एवं सक्रिय भूमिका उसके हितों के लिए हानिकारक होगी। इसी कारण भारत यादव ने रचना यादव की हत्या की साजिश रची तथा निखिल से सहायता मांगी। निखिल ने आगे बताया कि उसने अपने सहयोगी एवं मित्र सुमित को भी इस साजिश से अवगत कराया। निखिल एवं सुमित दोनों ने इस आपराधिक साजिश में शामिल होने की सहमति दी। इसके पश्चात अभियुक्तों ने अपराध की योजना, समय एवं तरीके पर विचार-विमर्श किया तथा共同 इरादे से श्रीमती रचना यादव की हत्या को अंजाम दिया। जांच में यह भी सामने आया कि बिजेंद्र यादव एवं भारत यादव के बीच 250 वर्ग गज के प्लॉट को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा था, जिसके चलते दोनों पक्ष एक-दूसरे को जान से मारने की धमकियां दे रहे थे। अभियुक्त भारत यादव ने भी इस विवाद को स्वीकार किया।
अपराधी अत्यंत शातिर प्रकृति के थे। पुलिस से बचने के लिए वे लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे तथा आपस में संपर्क के लिए ज़ैंगी ऐप का उपयोग कर रहे थे। वे बार-बार अपने मोबाइल नंबर भी बदलते रहते थे, जिससे इलेक्ट्रॉनिक निगरानी अत्यंत कठिन हो गई थी।
अभियुक्तों का विवरण
निखिल पुत्र सतबीर, निवासी ग्राम खंडरा, जिला पानीपत, हरियाणा।
भारत यादव पुत्र नरेंद्र, निवासी भलस्वा गांव, दिल्ली।
सुमित पुत्र हवा सिंह, निवासी ग्राम बलजट्टन, जिला पानीपत, हरियाणा।
बरामदगी
अपराध में प्रयुक्त एक यामाहा FZ मोटरसाइकिल, जो सुभाष प्लेस क्षेत्र से चोरी की गई थी।
एक ग्रैंड i-10 कार।
मामले से संबंधित अन्य कड़ियों की जांच जारी है।
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