सेक्स समस्याओं के आयुर्वेदिक इलाज के नाम पर ठगी

नई दिल्ली : (अर्श न्यूज़) – यौन सुख में मिनटों से लेकर घंटो तक की बढ़ोतरी की ताकत प्रदान करने का दावा करने वाले हजारों विज्ञापन भारत के हिंदी-अंग्रेजी के अखबारों में छपने के साथ ही टीवी और सोशल मीडिया पर 24 घंटे सातों दिन धूम रहती है. हो भी क्यों नहीं आखिर ये व्यापार ही ऐसा है कि ठगे जाने वाला पुलिस के पास नहीं जाता और मारे शर्म के दोस्तों को भी नहीं बताता, नतीजा, ठग भारत के गांवों के धूल भरे रास्तों पर मजमा लगाकर और कस्बों तथा बड़े शहरों में विज्ञापन तथा दलालों के माध्यम से रोजाना करोड़ों की ठगी जारी रखे हुए हैं. इन नीम हकीमों के उल्टे सीधे आयुर्वेदिक नुस्खों से अपने लोग रिएक्शन के चलते मौत के घाट भी उतर जाते हैं जिनकी मौत का राज कभी नहीं खुल पाता.
सेक्स समस्याओं के आयुर्वेदिक इलाज के नाम पर ठगी
ये आरोप नहीं, हकीकत है और किसी ऐरे-गैरे ने नहीं, एक एडवोकेट ने लगाए हैं. ये एडवोकेट इलेक्टाइल डिस्फंक्शन (Erectile dysfunction) की दवा लेकर मौत के मुंह में पहुंच गए थे और समय पर अस्पताल पहुंच जाने से हृदयाघात से जान बच गई. ये वकील है दिल्ली के मिलन वर्मा, इन्हें 2023 में अपने परिवार में एक के बाद एक मौत हो जाने के कारण डिप्रेशन हो गया और इसी के चलते दो बच्चो के पिता मिलन को इरेक्टाइल डिस्फंक्शन जैसा रोग भी लग गया. जैसा कि दुनिया का आम कायदा है, इरेक्टाइल डिस्फक्शन को पुरुषों में बहुत हेय दृष्टि से देखा जाता है और कोई भी पुरुष इसकी चचर्चा भूल से भी करना पसंद नहीं करता.इसी शर्म के कारण एडवोकेट मिलन वर्मा ने यूट्यूब का सहारा लिया, जहां उन्हें डा. हैल्थ नामक अस्पताल के इरेक्टाइल डिस्फंक्शन समेत तमाम यौन रोगों के शर्तिया इलाज के दावे वाले वीडियो मिले. उनके संतोषजनक रिव्यू देख मिलन ने उनका नम्बर लिया और 500 रुपए में अस्पताल के डा. हिमांशु धवन का अपाइंटमेंट ले लिया. डा. हैल्थ नामक ये अस्पताल गुरुग्राम के सेक्टर 17 में बी 92 नम्बर के भवन में चलता है. मिलन वहां पहुंचे तो नीचे ही मना कर दिया गया कि यहां हिमांशु धवन नहीं हैं लेकिन जब अपाइटमेंट बताया तो जाने दिया, वहां बताया गया कि डा. धवन की फीस हजार रुपए है, इसलिए पांच सौ रुपए और देने पड़े. तय समय पर डा. हिमाशु ने देखा, पूरी बात सुनी और पांच हजार की दवाओं का प्रिस्क्रिप्शन लिख दिया.
सेक्स समस्याओं के आयुर्वेदिक इलाज के नाम पर ठगी
एडवोकेट मिलन का दावा है कि दवा लेने के तीसरे दिन अपने आफिस के चेम्बर में उन्हें सीने में दर्द हुआ और चक्कर आ गए, साथी वकील और स्टॉफ के लोग अस्पताल लाए तो जाकर जान बची, हृदय का इलाज करने वाले डॉक्टर ने बताया कि इरेक्टाइल डिस्फक्शन कोई बीमारी नहीं है. ये डिप्रेशन के साथ आता है और डिप्रेशन काबू आते ही ठीक हो जाता है.जान बचने के बाद एडवोकेट मिलन डा. हेल्थ अस्पताल और उसके प्रमोटर श्रेयास के खिलाफ कार्रवाई का बीड़ा उठाकर मैदान में आए है और सब्जी मंडी पुलिस स्टेशन में कथित डा. हिमांशु धवन व उसके सगे भाई पुरु धवन समेत 25 साथियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराकर यौन
सेक्स समस्याओं के आयुर्वेदिक इलाज के नाम पर ठगी
बीमारियों के नाम पर देश को लूट रहे ऐसे ठगों के खिलाफ अभियान आयुर्विजिलेन्स छेड़े हुए है. अभियान के तहत मिलन एक हेल्प लाइन बना रहे हैं जिस पर आकर पीडित एडवोकेट मिलन के अभियान में शामिल हो सकते हैं. एडवोकेट मिलन का दावा है कि वे ऐसे पीडितों की मदद भी करेंगे मजे की बात ये कि एडवोकेट मिलन ने जैसे ही ठगी करने वाले श्रेयास के डा. हेल्थ अस्पताल के खिलाफ अभियान छेड़ा वैसे ही हिमाशु ने अस्पताल की वेबसाइट से अपना नाम हटा लिया और उसकी मेघा चतुर्वेदी ने अपने नाम के आगे से डा. शब्द हटा दिया है, लेकिन उसके स्क्रीन शॉट पहले ही एडवोकेट मिलन ने अपने पास सुरक्षित रख लिए हैं.
![]()
