लूट और दिल्ली के बिंदापुर थाना के हत्या मामले के 1 वांछित अपराधी को क्राइम ब्रांच के एजीएस ने गिरफ्तार किया

नई दिल्ली : (अर्श न्यूज ) – तेलंगना में बंदूक की नोक पर लूट और दिल्ली के बिंदापुर थाना के हत्या मामले के 1 वांछित अपराधी को क्राइम ब्रांच के एजीएस ने गिरफ्तार करके सफलता हासिल की।
दिल्ली क्राइम ब्रांच के डीसीपी अमित गोयल ने मीडिया को बताया
एजीएस (एंटी गैंग स्क्वाड), क्राइम ब्रांच, द्वारका की टीम ने सुमित डागर नाम के एक हार्डकोर अपराधी को गिरफ्तार किया है, जो 1 दिसम्बर 2022 को तेलंगाना में बंदूक की नोक पर किए गए एक सनसनीखेज सोने की लूट (04 किलोग्राम सोना) मामले में शामिल था और वांछित था। उस समय, तेलंगाना पुलिस ने आरोपी व्यक्तियों का पता लगाने के लिए क्राइम ब्रांच, दिल्ली पुलिस से सहायता मांगी क्योंकि यह पता चला था कि कथित व्यक्ति दिल्ली से हैं।
लूट और दिल्ली के बिंदापुर थाना के हत्या मामले के 1 वांछित अपराधी को क्राइम ब्रांच के एजीएस ने गिरफ्तार किया
डीसीपी/क्राइम के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच/तेलंगाना की टीम ने आरोपियों की तलाश में दिल्ली में एक सप्ताह तक डेरा डाला, लेकिन आरोपी दिल्ली/एनसीआर के अपने ज्ञात पतों से फरार हो गए। एजीएस, क्राइम ब्रांच के निरंतर प्रयासों के बाद संदीप उर्फ मनीष नामक एक आरोपी को गिरफ्तार कर तेलंगाना पुलिस को सौंप दिया गया। आरोपी सुमित डागर भी इस मामले में वांछित था, लेकिन उसका ठिकाना पता नहीं चल पा रहा था क्योंकि वह बहुत पहले अपना गांव ईशापुर, दिल्ली छोड़ चुका था और लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था।
लूट और दिल्ली के बिंदापुर थाना के हत्या मामले के 1 वांछित अपराधी को क्राइम ब्रांच के एजीएस ने गिरफ्तार किया
इंस्पेक्टर पवन कुमार और इंस्पेक्टर विकास पन्नू, एजीएस, क्राइम ब्रांच के नेतृत्व में एक टीम इस मामले में वांछित आरोपी सुमित डागर का पता लगाने के लिए लगातार काम कर रही थी। आरोपी सुमित डागर को एफआईआर संख्या 168/2019, दिनांक 1 मार्च2019, यू/एस- 302/307/34 आईपीसी एएसजे, द्वारका कोर्ट के आदेश दिनांक 2 फरवरी 2024 के अनुसार उसने अपने साथियों के साथ मिलकर इमरान नामक व्यक्ति को गोली मारकर बुरी तरह घायल कर दिया, जिसकी बाद में अस्पताल में मौत हो गई। आरोपी सुमित डागर को कोविड-19 महामारी के दौरान पैरोल दी गई थी और उसे 30 मार्च 2022 को कोर्ट के समक्ष आत्मसमर्पण करना था, लेकिन उसने आत्मसमर्पण नहीं किया।
मामले के तथ्य
1 दिसम्बर.2023 को आरोपी सुमित डागर अपने साथियों शुभम उर्फ मनिया, संदीप उर्फ मनीष के साथ कोठापेट, चैतन्यपुरीवाई, हैदराबाद, तेलंगाना स्थित महादेव ज्वैलर्स में गया और अंदर से शटर बंद कर वहां मौजूद कर्मचारियों पर गोलियां चला दीं। इस घटना में एक ज्वैलर श्री कल्याण चौधरी के सीने में गोली लगी और दूसरे ज्वैलर सुखदेव के बाएं गाल, बाएं हाथ और बाएं पैर में गोली लगी। इसके बाद सुमित डागर ने अपने साथियों के साथ मिलकर श्री सुखदेव से ज्वैलरी बैग (जिसमें 3-4 किलो सोना और नकदी थी) लूट लिया और मौके से भाग गए।
एक अन्य घटना में, 2019 को शाम लगभग 6:00 बजे, सुमित डागर अपने सहयोगी के साथ इमरान नामक व्यक्ति के फल के ठेले पर आया और उसे पीटना शुरू कर दिया। किसी व्यक्तिगत रंजिश के कारण इमरान और आरोपी व्यक्तियों के बीच झगड़ा हो गया। उक्त झगड़े में, आरोपी सुमित डागर और उसके साथियों ने 3 गोलियां चलाईं, जिनमें से 2 राउंड इमरान के सीने और पैर में लगीं, जिससे वह बुरी तरह घायल हो गया। यह पता चला कि आरोपियों ने पुरानी रंजिश का बदला लिया था क्योंकि उन्होंने एक-दूसरे के खिलाफ कई मामले/शिकायतें दर्ज कराई थीं। घायल इमरान को डीडीयू अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया और बाद में वह चोटों के कारण लड़खड़ा गया।
दिल्ली के उत्तम नगर निवासी समीम की शिकायत पर एफआईआर संख्या 169/2019, धारा- 307/302/34 आईपीसी और 25/27 आर्म्स एक्ट के तहत थाना बिंदापुर, दिल्ली में मामला दर्ज किया गया। सूचना, टीम और कार्रवाई: एसआई कुलदीप सिंह और एएसआई राजेश सिंह, एजीएस, क्राइम ब्रांच को एक गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी सुमित डागर रोहिणी, दिल्ली में छिपा हुआ है। यह भी पता चला कि आरोपी किसी भी फोन का उपयोग नहीं कर रहा था और रोहिणी, दिल्ली में फ्लैटों में छिपा हुआ था।
गुप्त मुखबिरों के साथ-साथ आरोपी व्यक्तियों के पहले के संपर्कों से जानकारी एकत्र की गई थी। हेड कांस्टेबल राहुल कुमार ने तकनीकी पहलुओं पर काम किया और साथ ही आरोपी के स्थान को भी इंगित किया। यह भी पता चला कि आरोपी हत्या, डकैती, अवैध हथियारों के कई मामलों में शामिल था और पूरे भारत में लगातार अपराध में शामिल था। एक सप्ताह तक कड़ी मेहनत करने के बाद, तकनीकी के साथ-साथ मैनुअल तलाशी के माध्यम से सफलता मिली। इंस्पेक्टर पवन कुमार और इंस्पेक्टर विकास पन्नू के नेतृत्व और नरेश कुमार, एसीपी/एजीएस की देखरेख में एसआई अजय सिंह, एसआई कुलदीप, एएसआई राजेश और हेड कांस्टेबल राहुल कुमार की एक समर्पित टीम का गठन किया गया। स्थानीय पुलिस को भी बुलाया गया और टीम ने लोहे के दरवाजे को तोड़ने के लिए उचित बल का प्रयोग किया और आखिरकार आरोपी सुमित डागर को सेक्टर-34, रोहिणी, दिल्ली में उसके ठिकाने से पकड़ लिया गया। प्रारंभिक पूछताछ के बाद उसकी पहचान सुनिश्चित की गई और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ के दौरान आरोपी सुमित ने खुलासा किया कि उसने 12वीं तक पढ़ाई की है और उसके बाद कॉल सेंटर में नौकरी करने लगा। उसकी मां एमसीडी, दिल्ली में काम करती है। फिलहाल वह अपने वर्तमान पते पर छिपा हुआ था और पहले कैटरिंग का कारोबार करता था। वह अपनी मां से आर्थिक मदद भी ले रहा है। यह भी पता चला है कि मृतक इमरान के साथ उसकी रंजिश थी। इमरान ने उसके और उसके साथियों के खिलाफ थाना उत्तम नगर, दिल्ली में मामला और शिकायतें दर्ज कराई थीं।
इसी रंजिश के चलते 1 मार्च 2019 को मृतक और आरोपी के बीच झगड़ा हुआ, जिसके कारण आरोपी और उसके साथियों ने इमरान की हत्या कर दी। वर्तमान मामले में पैरोल मिलने के बाद आरोपी के खिलाफ थाना नारायणा और थाना बाबा हरिदास नगर में दो और मामले दर्ज किए गए, जिसमें उसके पास से अवैध हथियार बरामद हुआ। उसे जेसी भेजा गया था, लेकिन वर्तमान मामले में कोविड-19 के दौरान उसे पैरोल मिल गई। पैरोल मिलने के बाद वह तेलंगाना चला गया, जहां वह अपने रिश्तेदारों के साथ रहता था और सनसनीखेज डकैती के मामले में शामिल हो गया।
आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर अपराध करने के बाद वहां से भागने के लिए गोलियां भी चलाईं। इस घटना में एफआईआर संख्या 890/2022, दिनांक 1 दिसम्बर 2022, धारा 394/397 आईपीसीआर.डब्ल्यू 25/27 आर्म्स एक्ट, पीएस- चैतन्यपुरी, रंगारेड्डी, तेलंगाना (तेलंगाना का चर्चित 04 किलो सोना लूट का मामला) दर्ज किया गया। आरोपी फरार होने में कामयाब रहा और कभी गिरफ्तार नहीं हुआ। कई जगहों पर छिपने के बाद, वह वर्ष 2023 में वापस दिल्ली आया और अपने किराए के पते बदलकर अपने परिवार के साथ रहने लगा। वह रोहिणी में छिपा हुआ था, जहां वह एक खाद्य ठेला चला रहा था और अपनी पत्नी के साथ रह रहा था। आरोपी की संलिप्तता वह दिल्ली और तेलंगाना के विभिन्न पुलिस स्टेशनों के हत्या, सशस्त्र डकैती आदि सहित जघन्य प्रकृति के 6 मामलों में शामिल पाया गया।
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