दिल्ली में ‘सोना चोरी’ साजिश का पर्दाफाश, शिकायतकर्ता ही निकला मास्टरमाइंड

साउथ ईस्ट दिल्ली : ( अर्श न्यूज ) – गोविंदपुरी थाना पुलिस और एंटी-रॉबरी सेल की संयुक्त टीम ने एक सनसनीखेज फर्जी अपहरण और चोरी के मामले का खुलासा करते हुए इस मामले में शिकायतकर्ता मंटू मंडल समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
दिल्ली में ‘सोना चोरी’ साजिश का पर्दाफाश, शिकायतकर्ता ही निकला मास्टरमाइंड
पूरे मामले की जानकारी देते हुए साउथ ईस्ट डिस्ट्रिक्ट की एडिशनल डीसीपी ऐश्वर्या शर्मा ने बताया कि दिनांक 25/26 जून की रात का है, जब मंटू मंडल दिल्ली पुलिस को PCR कॉल कर आरोप लगाया कि दो बाइक सवार व्यक्ति खुद को पुलिसकर्मी बताकर उसके घर आए, सोना लूटा और उसे अगवा कर एक किलोमीटर दूर छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
दिल्ली में ‘सोना चोरी’ साजिश का पर्दाफाश, शिकायतकर्ता ही निकला मास्टरमाइंड
मामले की गंभीरता को देखते हुए इंस्पेक्टर धर्मवीर सिंह और एसीपी राकेश शर्मा के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया टीम ने घटनास्थल के आसपास में लगे संकड़ो CCTV फुटेज खंगाले और तकनीकी जांच की। जांच में सामने आया कि दो बाइक सवार व्यक्ति मंटू के घर पहुंचे और कुछ ही मिनटों में मंटू व सोने के सामान के साथ निकल गए।
दिल्ली में ‘सोना चोरी’ साजिश का पर्दाफाश, शिकायतकर्ता ही निकला मास्टरमाइंड
दिल्ली पुलिस के द्वारा पूछताछ में पता चला कि मंटू एक निर्माण स्थल पर ठेकेदार है। उसने कुछ हफ्ते पहले एक अलमारी मालिक जितेंद्र से ली थी। बाद में उसने वह अलमारी कबाड़ी को बेच दी, जिसने उसमें से 70 ग्राम सोना पाया। कबाड़ी ने ईमानदारी से मंटू को सूचित किया और सोना सौंपा, लेकिन जितेंद्र को भी जानकारी दे दी।
जिससे बाद मंटू ने अपने दोस्त राजू के साथ मिलकर एक साजिश रची और फर्जी लूट और अपहरण की कहानी बनाई। बाइक सवार राजकुमार और सरफराज को बुलाकर सोना सौंपा गया और एक फोटो सबूत के तौर पर लिया गया।
जब जितेंद्र ने सोना वापस मांगा, तो मंटू ने उल्टा पुलिस पर ही झूठा आरोप लगाकर मामले को भटकाने की कोशिश की।
बरहाल दिल्ली पुलिस ने अब इस पूरे मामले को सुलझाते हुए पुलिस ने मंटू, राजू, राजकुमार और सरफराज को गिरफ्तार कर लिया है। इनके पास से पुलिस टीम ने 60 ग्राम सोना, एक बाइक, घटना के दौरान पहने कपड़े और अलमारी बरामद की गई है आगे की जांच जारी है।
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