Brampuri गली नंबर 12 में बन रही Maajid अब नहीं बनेगी मस्जिद के कमेटी ने लिया फैसला भाईचारा बना रहे

उत्तर पूर्वी दिल्ली : ( अर्श न्यूज़ ) – सीलमपुर विधानसभा के ब्रह्नपुरी गली नम्बर 12 में जिस मस्जिद के निर्माण को लेकर विवाद हुआ था और हिन्दुओ ने अपने घरों के बाहर मकान बिकाऊ है के पोस्टर लगाए थे एमसीडी ने मस्जिद जहां बनाई जा रही थी उस अलमतीन वेलफेयर सोसाइटी और उसके प्रेजिडेंट अब्दुल अलीम मालिक के नाम नोटिस मस्जिद निर्माण वाली बिल्डिंग पर चस्पा, ग्राउंड फ्लोर पर दीवार और पिलर डालने को अवैध बताते हुए नोटिस दिया है। तीन दिन में नोटिस का जवाब मांगा है कि अवैध निर्माण के चलते बिल्डिंग को सील क्यो न कर दिया जाए – Ground report
Brampuri गली नंबर 12 में बन रही Maajid अब नहीं बनेगी मस्जिद के कमेटी ने लिया फैसला भाईचारा बना रहे
अल-मतीन मस्जिद के विस्तार के लिए कहाँ से आ रहा पैसा? ₹40 लाख की जमीन दान करने वाला लगाता है जूते-चप्पल की दुकान: क्या विदेशी फंडिंग से बन रही मस्जिद?
उत्तर पूर्वी दिल्ली सीलमपुर विधानसभा अंतर्गत लगने वाले ब्रह्मपुरी गली नम्बर 12 इलाके में अल-मतीन मस्जिद का मामला फिर से गरमा गया है। यहाँ के हिंदुओं का कहना है कि मुस्लिम पहले चुपके से आते हैं, फ्लैट खरीदते हैं, फिर घर लेते हैं, मस्जिद बनाते हैं और धीरे-धीरे पूरे इलाके पर कब्जा कर लेते हैं। फिर मौका मिलते ही पूरी कौम एकजुट होकर हिंदुओं पर हमला कर देती है।
Brampuri गली नंबर 12 में बन रही Maajid अब नहीं बनेगी मस्जिद के कमेटी ने लिया फैसला भाईचारा बना रहे
साल 2020 के हिंदू-विरोधी दंगों में इसी मस्जिद से गोलियाँ चली थीं, जिसके बाद हिंदुओं का डर गहरा गया था। अब मस्जिद को गली नंबर-12 में शिव मंदिर के सामने तक बढ़ाने की कोशिश हो रही थी पर अब इस मस्जिद पर नोटिस चस्पा कर दिया है इस मस्जिद पर पूरी तरीके से रोक लगा दी गई है तो वही मुस्लिम समुदाय के लोगों ने भी एक वाहन बैनर लगा दिया गया है जिसमें लिखा है कि इस मस्जिद का निर्माण कार्य अब यहां नहीं किया जा रहा है और आपस में भाईचारा बना रहे।
Brampuri गली नंबर 12 में बन रही Maajid अब नहीं बनेगी मस्जिद के कमेटी ने लिया फैसला भाईचारा बना रहे
अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि इसके लिए पैसा कहाँ से आ रहा है?आरोप है कि ₹40 लाख की जमीन दान करने वाला शख्स चप्पल की दुकान चलाता है। क्या विदेशी फंडिंग का खेल है? ये कहानी सिर्फ मस्जिद की नहीं, बल्कि संदिग्ध फंडिंग, साजिश और हिंदुओं के डर की है।
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